Rajasthan Budget 2026 Live Updates: राजस्थान के बजट में किसान, युवा और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। 21.52 लाख करोड़ के इस बजट में आपके लिए क्या है, विस्तार से जानें।
राजस्थान, जो कि भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन क्षमता और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए विख्यात रहा है। तथापि, विगत कुछ वर्षों में राज्य ने जल संकट, बेरोजगारी, ग्रामीण विकास की चुनौतियों और शहरी अवसंरचना की आवश्यकताओं सहित कई आर्थिक चुनौतियों का सामना किया है। 11 फरवरी 2026 को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्रीमती दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत राजस्थान बजट 2026-27, इन चुनौतियों का समाधान करने हेतु एक सुदृढ़ कार्ययोजना प्रस्तुत करता है। यह बजट "विकसित राजस्थान@2047" के दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसका उद्देश्य राज्य को एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और सतत विकास वाली इकाई के रूप में स्थापित करना है। कुल बजट का आकार 21 लाख 52 हजार करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 41.39 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। यह बजट न केवल आर्थिक विकास पर केंद्रित है, बल्कि सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल परिवर्तन को भी प्राथमिकता प्रदान करता है।
इस ब्लॉग पोस्ट में, हम बजट की विस्तृत जानकारी को विस्तार से प्रस्तुत करेंगे। हम आर्थिक पृष्ठभूमि से प्रारंभ करते हुए क्षेत्र-वार घोषणाओं, आवंटनों और नवीन योजनाओं पर चर्चा करेंगे। यह पोस्ट लगभग 4000 शब्दों में तैयार की गई है, जो बजट के प्रत्येक पहलू को गहनता से स्पष्ट करती है। संदर्भों के आधार पर, हम आधिकारिक घोषणाओं, मीडिया रिपोर्ट्स और विश्लेषणों का उपयोग करेंगे।
आर्थिक पृष्ठभूमि और समग्र लक्ष्य
राजस्थान की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि, पर्यटन, खनन और लघु एवं मध्यम उद्योगों पर आधारित है। वर्ष 2025-26 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) अनुमानित रूप से 15 लाख करोड़ रुपये के लगभग था, जबकि वर्ष 2026-27 में इसके 21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। प्रति व्यक्ति आय को 1.68 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख 2 हजार रुपये प्रति वर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से केंद्र सरकार की योजनाओं, जैसे पीएम किसान सम्मान निधि और अवसंरचना निवेश द्वारा संचालित है।
बजट में पूर्ववर्ती सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की आलोचना की गई है, और वर्तमान सरकार ने इसमें सुधार का दावा किया है। कुल व्यय में राजस्व व्यय 70% से अधिक है, जबकि पूंजीगत व्यय अवसंरचना पर केंद्रित है। राजकोषीय घाटे को 3% के भीतर रखने का लक्ष्य है, जो राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम के अनुरूप है। बजट में 1 लाख से अधिक सरकारी भर्तियों और साक्षात्कार प्रक्रिया को अधिकांशतः समाप्त करने की घोषणा की गई है, जो बेरोजगारी को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बजट का प्राथमिक केंद्र बिंदु "समृद्ध राजस्थान" है, जिसमें युवा वर्ग, महिलाएँ, किसान समुदाय और शहरी क्षेत्रों पर विशेष बल दिया गया है। यह बजट केंद्र सरकार के यूनियन बजट 2026-27 से प्रेरित है, जिसके परिणामस्वरूप राजस्थान को रोजगार सृजन, कौशल विकास और अवसंरचनात्मक उन्नति के क्षेत्रों में लाभ प्राप्त हुआ है। माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यूनियन बजट को राजस्थान के लिए विशेष रूप से लाभकारी बताया है, खासकर AVGC-XR नीति और पर्यटन से संबंधित योजनाओं के संदर्भ में।
सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: मजबूत नींव की दिशा में
राजस्थान में सड़कें अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, क्योंकि राज्य का बड़ा हिस्सा ग्रामीण है। बजट में इस सेक्टर को प्रमुखता दी गई है। कुल 27,860 करोड़ रुपये सड़कों पर खर्च किए जाएंगे, जिसमें 16,430 किलोमीटर नई सड़कें शामिल हैं।
- अटल प्रगति पथ: 250 नए अटल प्रगति पथों के निर्माण हेतु 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। ये पथ ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी केंद्रों से जोड़कर व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाएंगे।
- शहरी आधारभूत संरचना: शहरी सड़कों के विकास के लिए 1,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे यातायात संकुलन और पर्यावरणीय प्रदूषण में कमी आएगी।
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार: सड़क दुर्घटनाओं के ब्लैक स्पॉट्स में सुधार हेतु 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। हमारा लक्ष्य है कि 2047 तक सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में 90% की कमी लाई जाए।
- सड़क नेटवर्क का विस्तार एवं उन्नयन: 42,000 किलोमीटर सड़कों का विस्तार किया जाएगा, जिसमें मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये, गैर-मरम्मत योग्य सड़कों के लिए 1,400 करोड़ रुपये और कुल सड़क सुधार पर 2,700 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
- रेलवे ओवरब्रिज/अंडरब्रिज: रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और अंडरब्रिज (RUB) के निर्माण हेतु 920 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिससे यातायात प्रवाह में सुधार होगा।
- राजमार्गों पर सुविधाएं: राजमार्गों पर आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।
- बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत: पुलियों और सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो बारिश से क्षतिग्रस्त हुई हैं।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुरक्षा: 2,000 AI-सक्षम कैमरे (100 करोड़ रुपये की लागत से) स्थापित किए जाएंगे, जो अत्यधिक गति, हेलमेट न पहनने जैसे उल्लंघनों का पता लगाएंगे। प्रारंभिक चरण में जयपुर-आगरा और जयपुर-दिल्ली जैसे प्रमुख राजमार्गों को इसमें शामिल किया जाएगा।
यह आवंटन राज्य की अर्थव्यवस्था को बूस्ट देगा, क्योंकि बेहतर सड़कें व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देंगी। पिछले वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में 1,700 से अधिक मौतें हुईं, और AI तकनीक से इनमें कमी आएगी।
जल प्रबंधन और बाढ़ सुरक्षा: जीवन की रक्षा
राजस्थान एक रेगिस्तानी राज्य है, जहां जल संकट हमेशा एक चुनौती रहा है। बजट में जल प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है, कुल 24,000 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाएं।
- ट्यूबवेल और हैंडपंप: 600 नलकूपों और 1,200 नवीन हैंडपंपों की स्थापना की जाएगी।
- मोबाइल वॉटर टेस्टिंग लैब: जल गुणवत्ता परीक्षण हेतु एक नवीन सचल प्रयोगशाला का शुभारंभ किया जाएगा।
- बाढ़ सुरक्षा: जयपुर में वर्षा जल निकासी एवं बाढ़ सुरक्षा हेतु 500 करोड़ रुपये, अजमेर में जल निकासी प्रणाली हेतु 200 करोड़ रुपये तथा भरतपुर में 1,020 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- बांध सुरक्षा: बांधों के अनुप्रवाह क्षेत्र में सायरन प्रणाली की स्थापना हेतु 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- हर घर नल योजना: 3 लाख नवीन नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे तथा 6,500 ग्रामों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक कलेक्टर को ग्रीष्मकालीन जल संकट प्रबंधन हेतु 1 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा।
- यमुना जल परियोजना: 32,000 करोड़ रुपये की यह परियोजना पूर्वी राजस्थान को लाभान्वित करेगी।
- सूक्ष्म सिंचाई: 1,340 करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।
- टोंक बीसलपुर सिंचाई: इस परियोजना हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- फार्म पॉन्ड: 36,000 फार्म पॉन्ड पर अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिससे 80,000 किसानों को लाभ होगा।
- टोंक जिला विशेष: टोंक जिले हेतु 650 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना प्रस्तावित है।
यह घोषणाएं जल संकट को कम करेंगी और कृषि उत्पादकता बढ़ाएंगी। "विकसित राजस्थान@2047" में जल सुरक्षा एक मुख्य स्तंभ है।
बिजली और तकनीकी सुधार: ऊर्जा सुरक्षा
ऊर्जा सेक्टर में 2 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य है।
- नवीन GSS: 220KV के 6, 132KV के 13 और 33KV के 110 नवीन ग्रिड सबस्टेशन।
- निगरानी: ट्रांसफार्मर, फीडर और सब-स्टेशन की वास्तविक समय में AI-आधारित निगरानी।
- AI-सक्षम ग्रिड: अजमेर डिस्कॉम का ग्रिड AI-सक्षम बनाया जाएगा।
- सौर ऊर्जा: 1,400 MW सौर संयंत्र, 1.30 लाख घरों में रूफटॉप सोलर (518 MW)।
- जलवायु नीति: पहली व्यापक जलवायु नीति कार्यान्वित की जाएगी।
ये कदम राज्य को ग्रीन एनर्जी हब बनाएंगे और बिजली कटौती कम करेंगे।
उद्योग और रोजगार: आत्मनिर्भर राजस्थान
बेरोजगारी राज्य की बड़ी समस्या है। बजट में 1 लाख+ सरकारी भर्तियां, इंटरव्यू प्रक्रिया खत्म।
- लॉजिस्टिक पार्क: 400 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
- नए औद्योगिक पार्क: दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) के अंतर्गत जोधपुर-पाली-मारवाड़ हब में स्थापित किए जाएंगे।
- भर्तियां: 3,000 तकनीकी पदों पर स्थायी भर्ती और 2,000 संविदा पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
- राजस्थान स्टेट एजेंसी: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के अनुरूप एक राज्य स्तरीय एजेंसी की स्थापना की जाएगी।
- डायरेक्ट अलॉटमेंट: दिसंबर 2026 तक सीधी आवंटन नीति लागू की जाएगी।
- प्लग एंड प्ले: 350 करोड़ रुपये के निवेश से आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
- श्रम सेतु ऐप: एक डिजिटल लेबर चौक के रूप में 'श्रम सेतु' ऐप का शुभारंभ किया जाएगा।
ये घोषणाएं 30 हजार युवाओं को 10 लाख तक ब्याज-मुक्त लोन देंगी, रोजगार सृजन करेंगी।
शहरी विकास और सामाजिक योजनाएं: शहरों का कायाकल्प
शहरीकरण तेज है, बजट में 3,000 करोड़ से शहरों का विकास।
- आवास: 28 लाख परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए गए हैं।
- स्ट्रीट लाइटें: 4 लाख नई लाइटें स्थापित की जाएंगी, जिससे कुल संख्या 7 लाख हो जाएगी।
- सेंटर फॉर एक्सीलेंस: जयपुर में 10 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर फॉर एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा।
- टेस्ट सेंटर: ऑनलाइन सुविधाओं से युक्त टेस्ट सेंटर उपलब्ध कराए जाएंगे।
- नशा मुक्ति: "राज सवेरा" अभियान के तहत नशा मुक्ति कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
- सिग्नल फ्री: सभी संभागीय मुख्यालयों को सिग्नल फ्री बनाया जाएगा।
- ड्रेनेज: अजमेर-जयपुर के लिए 1,020 करोड़ रुपये और मास्टर प्लान के लिए 40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- फायर बाइक: 93 नई फायर बाइक शामिल की जाएंगी।
- ट्रांसपोर्ट फंड: एक ट्रांसपोर्ट फंड का गठन किया जाएगा।
- जयपुर विशेष: जयपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1,000 करोड़ रुपये और बाढ़ नियंत्रण के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- मॉडर्न जेल: आधुनिक जेलों का निर्माण किया जाएगा।
ये योजनाएं शहरी जीवन को बेहतर बनाएंगी।
युवा और कौशल विकास: भविष्य की नींव
युवा राज्य की शक्ति हैं।
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: 1 लाख युवाओं को 10 लाख तक के ऋण पर ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिससे 30,000 युवाओं को लाभ होगा और कुल 1,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
- भाषा प्रशिक्षण: 1,000 युवाओं को 5 भाषाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- व्यावसायिक पाठ्यक्रम: नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।
- राज्य परीक्षण एजेंसी: एक नई एजेंसी का गठन किया जाएगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
- टेक्नो हब: अजमेर, भरतपुर और कोटा में टेक्नो हब स्थापित किए जाएंगे।
- व्यावसायिक शिक्षा: प्रत्येक जिले में व्यावसायिक शिक्षा के लिए विद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
- टैबलेट सहायता: कक्षा 8, 10 और 12 के छात्रों को 20,000 रुपये की टैबलेट सहायता प्रदान की जाएगी।
- विद्यालय मरम्मत: विद्यालयों की मरम्मत के लिए 550 करोड़ रुपये और नए भवनों के निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
- AI लैब: 1,000 AI लैब स्थापित की जाएंगी और 2 नए AI सेंटर खोले जाएंगे।
- संस्कृत शिक्षा: संस्कृत शिक्षा में 500 सीटों की वृद्धि की जाएगी और ज्योतिष को बढ़ावा दिया जाएगा।
- स्कूल ऑन व्हील्स: प्रत्येक जिले में 'स्कूल ऑन व्हील्स' पहल शुरू की जाएगी।
- आत्मरक्षा केंद्र: 150 कॉलेजों में आत्मरक्षा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- STEM शिक्षा: STEM शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा।
ये कदम युवाओं को स्किल्ड बनाएंगे।
महिला एवं बाल विकास: सशक्तिकरण की दिशा
महिलाएं और बच्चे प्राथमिकता।
- आंगनवाड़ी: 22,746 केंद्रों पर खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है, और 7,000 केंद्रों को नंद घर में परिवर्तित किया गया है।
- पोषण वाटिकाएं: 11,000 पोषण वाटिकाएं स्थापित की गई हैं।
- महिला बाल शक्ति संकुल: विभिन्न जिलों में महिला बाल शक्ति संकुल स्थापित किए गए हैं।
- चिल्ड्रेन होम: चिल्ड्रेन होम के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- बिजली कनेक्शन: 17,895 केंद्रों को बिजली कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
- महिला सुरक्षा: पर्यटन क्षेत्र में महिला गाइडों की नियुक्ति और महिला सुरक्षा हेतु 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
ये योजनाएं महिलाओं को सशक्त बनाएंगी।
प्रशासन एवं डिजिटल विकास: पारदर्शी शासन
डिजिटल इंडिया से प्रेरित।
- व्हाट्सएप सेवाएँ: 100 प्रमुख सेवाएँ व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध।
- डिजिटल नीति: नवीन नीति का कार्यान्वयन
- जन विश्वास अधिनियम 2.0: प्रस्तावित विधेयक।
- राज्य ड्रोन प्रकोष्ठ: गठन किया गया।
- मरुधरा राज एप्लिकेशन: अनावरण किया गया।
- लघु सचिवालय: 8 नवीन जिलों में स्थापित।
- पंचायत कार्य: 3,000 करोड़ का आवंटन।
- उपनिवेशन विभाग: राजस्व विभाग में एकीकृत।
- पेपरलेस शासन: डेटा सुरक्षा सुदृढ़ की गई।
- स्मार्ट सेवा केंद्र: सभी नगर निकायों में स्थापित।
- ई-मित्र: 100 सेवाएँ व्हाट्सएप पर उपलब्ध।
यह शासन को पारदर्शी और कुशल बनाएगा।
कृषि एवं सिंचाई: किसानों की समृद्धि
कृषि राज्य की आधारशिला।
- किसान सम्मान निधि: 10,900 करोड़।
- ब्याज-मुक्त लोन: 25,000 करोड़।
- सूक्ष्म सिंचाई: 3 लाख हेक्टेयर।
- अरावली रिस्टोरेशन: पुनर्स्थापना।
- मॉडर्न फार्मिंग: बढ़ावा।
- उच्च पैदावार वाली फसलें: प्रोत्साहन।
- कृषि को मजबूत: आर्थिक रूप से।
ये कदम किसानों की आय दोगुनी करेंगे।
पर्यटन एवं संस्कृति: धरोहर का संरक्षण
पर्यटन राज्य की कमाई का बड़ा स्रोत।
- पर्यटन विकास: 5,000 करोड़।
- शेखावाटी हवेली: 200 करोड़ संरक्षण।
- थार सांस्कृतिक सर्किट: विकास।
- महिला सुरक्षा कर्मी: 10 करोड़।
- मंदिर साज-सज्जा: 13 करोड़।
- तीर्थ यात्रा: 50,000 बुजुर्गों के लिए AC ट्रेन, 60,000 मुफ्त, 10,000 हवाई।
- जैसलमेर: अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म जोन।
- UNESCO: शेखावाटी हवेलियां।
- भरतपुर कन्वेंशन सेंटर: 100 करोड़।
- एयरपोर्ट स्टडी: सीकर, झुंझुनू, भरतपुर-डीग।
- पायलट ट्रेनिंग: सवाई माधोपुर, बांसवाड़ा।
यह पर्यटन को बूस्ट देगा।
स्वास्थ्य: स्वस्थ राजस्थान
स्वास्थ्य पर फोकस।
- राज सुरक्षा योजना: एक्सीडेंट रिस्पॉन्स, टेली-थ्रोम्बोलिसिस।
- हार्ट अटैक इलाज: CHC पर।
- औसत आयु: 77+ लक्ष्य।
- मानसिक स्वास्थ्य: जिला अस्पतालों में काउंसलर, SMS में सेंटर।
- RUHS: पीडियाट्रिक ICU, 200 बेड IPD।
- फायर सिस्टम: 300 करोड़।
- मोक्ष वाहिनी: मृतकों को मुफ्त घर पहुंचाना।
- एम्बुलेंस: 250 नई।
- ट्रॉमा: 150 करोड़।
- CPR ट्रेनिंग: ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अनिवार्य।
ये स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेंगे।
निष्कर्ष: समृद्ध राजस्थान की ओर
राजस्थान बजट 2026-27 एक संतुलित, दूरदर्शी दस्तावेज है, जो विकास, समावेश और सततता पर केंद्रित है। कुल 21 लाख करोड़ का बजट राज्य को 2047 तक विकसित बनाने का रोडमैप है। हालांकि, क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन घोषणाएं आशाजनक हैं। यह बजट युवाओं, किसानों, महिलाओं और शहरों पर फोकस करता है, जो राज्य की समृद्धि की कुंजी है।







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